8/24/2009

अपत्तिजनक किन्‍तु समय नष्ट करने का भ्रष्ट साधन

यह वीडियो जीमेल के जरिये मुझे प्राप्‍त हुआ, मुझे अच्‍छा लगा आपके सम्‍मुख प्रस्‍तुत कर रहा हूँ, हो सकता है कि कलाकार का प्रस्‍तुत करने का तरीका अपत्ति जनक हो किन्‍तु कला की तरीफ करनी होगी। निवेदन है कि Time loss ही करे टाईम खोटा न करें। :)

3 comments:

बी एस पाबला said...

तारीफ का पलड़ा भारी लगता है :-)

एकलव्य said...

तारीफ भारी है ....

शरद कोकास said...

लेख अच्छा है लेकिन पढ़ने मे दिक्कत आ रही है