12/08/2009

मल्लिका शेरावत कपड़े बदल रही है

8 comments:

Udan Tashtari said...

मोमबत्ती जलाओ!! फटाफट!! :)

जी.के. अवधिया said...

धत्तेरे की!

अब तक तो बदल भी डाले होंगे कपड़े उसने।

alka sarwat said...

यानी कि देख न पाने का अफ़सोस है

महाशक्ति said...

@ alka sarwat ji


न देख पाने का अफ़सोस किसे है, अफसोस तो बिजली जाने का है।

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari said...

कोई फिकर नहीं अंधेरे में फोटू उतारने वाला कैंमरा बैटरी के साथ हमने वहां लगवा दिया है, हमारे ब्‍लाग में हमने लगाया है देख लेवें.

महफूज़ अली said...

कोई टोर्च तो जलाओ......... रे......

कुमारेन्द्र सिंह सेंगर said...

अरे भाई इनवर्टर तो लगाना ही चाहिए था ऐसे सीन को दिखाते समय !!!!!!

mukesh meena said...

,दिल के अरमा अँधेरे मेँ बह गये......।,दिल के अरमा अँधेरे मेँ बह गये......।