4/13/2007

आजा मेरी गाड़ी मे बैठ जा

9 comments:

Udan Tashtari said...

अरे, रोको तो, तब तो बैठें. भागे ही चले जा रहे हो :)

Shrish said...

सही कहा समीर जी ने, जरा ब्रेक तो मारो भईया तभी तो बैठेगें। :)

Pankaj Bengani said...

अबे रोको यार... चलती पर चढाओगे क्या

बजार वाला said...

इत्ती देर से हाथ दे रहे हैं की अब रुके , की अब रुके ... तीन लोग पहले से ही लाईन में हैं ..अब कैसे बैठे तुम्हारी गाड़ी मे ?? रोक ल्यो भइया .. हमका भी जाना है

Sagar Chand Nahar said...

भाई जब समीर भाई साहब बैठ जायें और जगह बचे तो हमें भी बिठा दीजिये। :)

DR PRABHAT TANDON said...

हाय़ !ऐसी सडक देखे जमाना बीत गया . अब यहां भी हो तो ऐसे ही चलायें . :)

Anonymous said...

गाड़ी वाले गाड़ी धीरे हांक रे

मोहिन्दर कुमार said...

Bhai na to seat najar aati hae naa hi chatt per jagah hae.. kahan bithaoge

Udan Tashtari said...

भाई लोगों, जगह की चिंता मत करो, सबको पीछे उड़ रहे झोले में भर कर ले जाया जायेगा (सागर को भी), बस गाड़ी रुक भर जाये. :)