5/01/2007

दुनिया की सबसे सेक्सी फिल्‍मी हस्‍ती


चुनाव के दौर मे बिजली चली गई है, कृपया बिजली आने तक प्रतीक्षा करें।

आपका वोट अमूल्‍य है आप वोट उसकों दें जो आपको फोटों देखने के लिये बिजली दें।

''सेक्सी दर्शनार्थ'' हित मे जारी द्वारा
सेक्सी हस्ती संघ


इस ब्‍लाग पर पिछला लेख- लैला पहलवान

10 comments:

Anonymous said...

भाई हम तो अन्धे है मन की अखो से देख सक ते है और हमारा मन कह्ता है यह राखी सावन्त है

अभय तिवारी said...

भाई हमारा वोट इस बेनाम के लिये है.. इस की मन की आँखों से देंखेगे हम दुनिया..

Shrish said...

वाकई सबसे सैक्सी है, हमारे यहाँ लाइट आ गई, हमने देख लिया। :)

Pratik said...

सही में बहुत ही ज़्यादा ख़ूबसूरत है। शायद अफ़्रीका की किसी कोयले की ख़ान से है। :)

mahashakti said...

@ बेनाम जी आप का नजरिया भा गया।
@ अभय जी आपको भी धन्‍यवाद
@ श्रीश जी आप खुश नसी्ब हो
@ प्रतीक जी आप तो इन मामलों के विशेषज्ञ हो आपसे क्‍या छुपेगा।

आप सभी का धन्‍यवाद।

priya sudrania said...

aji janab hamare ghar light aayee to humein to balisht bujhao wala,uchi kadh katthi wala,sakht seene wala.....hatta katta naujawan dikha....lag raha tha jaise koi greek god ho....

Divine India said...

अंधकार से ज्यादा उजाला और आविष्कार कही नहीं हो सकता…कोई भी चेहरा कम से कम मन में तो स्वयं ही बन जाएगा…

महावीर said...

पर्दा हटा कर देखने दे, चेहरा तो एक बार
कमबख्त, मैं हौवा नहीं हूं जो तुझे खा जाऊंगा!
सूरत दिखेगी जब तिरी, बिजली गिरेगी हर तरफ़,
ये वोट दिल में रख लिया है, पल में ही आ जाऊंगा।

chitranjan agrawal said...

भई लाईट की कटोती के लिये ध्‍यान आकर‍शित करने का तरीका बेहद पसंद आयाा आपको शायद किसी तहसील या गांव का खासकर मध्‍य प्रदेश के का अनुभव रहा होगा मध्‍यप्रदेश की तहसीलो खासकर छोटी तहसीलों में लाईट की स्थिति अत्‍याधिक खराब है वहां न तो कोई बोलने वाला है नही सुनने वाला बस एक ही बहाना लाईट नही है भई लाईट क्‍यो नही नही है अभी मध्‍य प्रदेश में लाईट की परेशानी है यहां पर पूरे मध्‍य प्रदेश में लाईट की कटोती होती है परन्‍तु भोपाल में नही क्‍यो भई वहा क्‍या खास बात है पर भई है वहां वीआईपी रहते है उनकी लाईट क्‍यो नही जातीा कुछ समय पूर्व दिग्‍विजय सिंह ने आपने आखरी साल में एक नीयम बनाया था कि पूरे प्रदेश में एक जैसी लाईट कटोती होगी पर उनके जाने के बाद कौन सुन रहा है अभी वर्तमान में इन्‍दोर में यह स्थिति है कि आप रात को सडक पर पडी सुई भी उठा सकते है वहां गांव , कस्‍बे एवं तहसीलों में सुई तो क्‍या रात को भेस भी नही दिखाई देता है भई लाईट हो तो दिखेगा यह अन्‍याय या भेदभाव क्‍यों विचार करें

Ankur Gupta said...

Wah Kya Khoob Majak Hai