5/08/2007

यह है सबके लिये














































































































वाह क्‍या मछलियाँ है ? आज के नाश्‍ते में तो मजा आ जायेगा। मै मॉंस भक्षी तो हूँ नही जिन बन्‍धुओं को चाहिये न्‍यूनतम दरों पर उपलब्‍ध है।
उपर तो मैने थोडा मजाक किया है पर सोचिये कि किसी को खाने से हमारी भूख तो मिट सकती है पर उस जीव के अन्‍दर जीने की लालसा का क्‍या होगा ? उसको खाने के बाद आपको स्‍वाद न मिला तो वही बात होगी कि जानवर का जिव जाये और खाने वाले को स्‍वाद न मिले।
क्‍या किसी जीव को अपने स्‍वाद के लिये मारना उचित है ?

5/06/2007

यूपी वाला ठुमका लागाऊ


राष्‍ट्रपति का कार्यकाल अन्तिम दौर मे है तो शायद बुस अपने लिये नये रोजगार की खोज कर रहे होगें।