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4/02/2009

बना कीर्तिमान समीर लाल जी शीर्ष पर, हम भी बने सात हजारी ब्‍लागर


कल नीरज भाई से बात चीत रही थी, उन्‍होने कहा कि उन्‍हे यह ब्‍लाग बहुत अच्‍छा लगता है। वैसे इस ब्‍लाग को पंसद करने भाईयों की कोई कमी नही है। आम तौर पर अविवाहित भइयों में प्रतीक भाई, श्रीश भाई (आजकल लुप्‍त है) अविवाहितो को छोडि़ये विवाहितों में भी पंकज भाई आदि प्रमुख है। अब कुछ न कुछ हमेशा नया लाता रहूँगा, बहुत ईमेल आती है पर शेयर कर पाना कठिन होता है, पर अब से किया करूँगा।

मुझे आज ही पता चला कि हम सात हजारी ब्‍लागर हो गये, अभी तक बहुत कम ही सात हजारी बलागर देखने को मिले है। आज समीर जी के ब्‍लाग टिप्‍पणियों में से सात हजारी ब्‍लागर खोजे तो कुछ मिल ही गये, जिनके नाम छूट गये हो भाई माफ करना।सर्वश्री Sanjeet Tripathi, संजय बेंगाणी, Udan Tashtari, ज्ञानदत्त पाण्डेय आदि प्रमुख हिन्दी ब्‍लागर है जिनके प्रोफाईल विजिटरों की संख्‍या 7000 या उपर रही।

45 वर्षीय चिर युवा समीर जी, लगातार चिरपर‍िचित अंदाज में बैंटिग कर रहे है। टेस्‍ट, वन्‍ड़े और टी-20 में शानदार बैटिंग कर रहे है और 31,415 प्रोफाईल विजिटरों के साथ शीर्ष पर है। मुझे नही लगता कि कोई भी समीर जी ने निकट पटक रहा होगा। 53 वर्षीय एक और युवा ब्‍लागर श्री ज्ञान जी भी 11,754 के साथ प्रमुख स्‍थान बनाए हुये है। 33 वर्षीय संजीत भाई भी 11 हजारी ब्‍लागर की लिस्‍ट में शामिल हो गये। गांगुली को भी आज अफशोस हो रहा होगा कि मै भी 36 का हूँ आज मै भी चिट्ठाकारी कर रहा होता हो मै यही कहीं होता। :) कह सकता हूँ, कि 45 -55 का चिर युवा होने पर हमारा प्रदर्शन और निखर कर समाने आयेगा।

हम भी विस्‍फोटक बल्‍लेबाज के रूप में जाने जाते थे, टेस्‍ट और वन्‍डे में हमारा कोई सानी नही था किन्‍तु जबसे टी-20 फॉर्मेट आया। हमारे जैसे 22 वर्षीय ब्‍लागरों की वॉट लग गई। पहले हम भी टीम के कप्‍तान हुआ करते थे किन्‍तु अब टीम(चिट्ठाकारी में) अस्तित्‍व की लड़ाई लड़ रहे है। खुशी हुई की करीब 3 साल में हमने भी कुछ गुल खिला ही लिये अन्‍यथा, दुनिया यही कहती- लिखा तो खूब, पर पढ़ा कोई नही। :)


शेष फिर

2/11/2008

शाहरूख खान - Shahrukh Khan





12/01/2007

तस्वीरों में- हरिवंश राय बच्चन

 

हरिवंश राय बच्चन


हरिवंश राय का जन्म इलाहाबाद के नज़दीक प्रतापगढ़ जिले के एक छोटे से गाँव में हुआ था.

हरिवंश राय़ बच्चन


घर में प्यार से उन्हें ‘बच्चन’ कह कर पुकारा जाता था. आगे चल कर यही उपनाम विश्व भर में प्रसिद्ध हुआ.

हरिवंश राय बच्चन


उच्च शिक्षा के लिए वे इलाहाबाद और फिर कैम्ब्रिज गए जहाँ उन्होंने अंग्रेजी विख्यात कवि डब्लू बी यीट्स की कविताओं के ऊपर शोध किया

हरिवंश राय बच्चन


सन् 1926 में हरिवंश राय की शादी श्यामा से हुई. 1936 में टीबी की लंबी बीमारी के बाद श्यामा का देहांत हो गया. 1941 में बच्चन ने तेजी सूरी से शादी की

हरिवंश राय बच्चन


उमर ख़ैय्याम की रुबाइयों से प्रेरित 1935 में छपी उनकी मधुशाला ने बच्चन को खूब प्रसिद्धि दिलाई. आज भी मधुशाला पाठकों के बीच काफ़ी लोकप्रिय है.

हरिवंश राय बच्चन


हरिवंश राय बच्चन ने मधुबाला, मधुकलश, निशा निमंत्रण, खादि के फूल, सूत की माला, मिलन यामिनी, बुद्ध और नाच घर, चार खेमे चौंसठ खूंटे, दो चट्टानें जैसे काव्य की रचना की है.

हरिवंश राय बच्चन


दो चट्टानें को लिए वर्ष 1968 में बच्चन को साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला. साहित्य में योगदान के लिए प्रतिष्ठित सरस्वती सम्मान, उत्तर प्रदेश सरकार का यश भारती सम्मान, सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार से भी वे नवाज़े गए.

हरिवंश राय बच्चन


चार खण्डों में प्रकाशित बच्चन की आत्मकथा- ‘क्या भूलूँ क्या याद करूँ’, ‘नीड़ का निर्माण फिर’, ‘बसेरे से दूर’ और ‘दशद्वार से सोपान तक’ हिन्दी साहित्य जगत की अमूल्य निधि मानी जाती है.

साभार -