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7/12/2009

साहस के आगे जीत है





बहुत सुना है कि डर के आगे जीत है किन्‍तु आज जाना कि ये केवल ड्यू पीने वाले के लिये है, दूध पीने वालो के लिये साहस के आगे जीत होती है।

7/06/2009

समलैंगिक पोस्‍ट

4/02/2009

बना कीर्तिमान समीर लाल जी शीर्ष पर, हम भी बने सात हजारी ब्‍लागर


कल नीरज भाई से बात चीत रही थी, उन्‍होने कहा कि उन्‍हे यह ब्‍लाग बहुत अच्‍छा लगता है। वैसे इस ब्‍लाग को पंसद करने भाईयों की कोई कमी नही है। आम तौर पर अविवाहित भइयों में प्रतीक भाई, श्रीश भाई (आजकल लुप्‍त है) अविवाहितो को छोडि़ये विवाहितों में भी पंकज भाई आदि प्रमुख है। अब कुछ न कुछ हमेशा नया लाता रहूँगा, बहुत ईमेल आती है पर शेयर कर पाना कठिन होता है, पर अब से किया करूँगा।

मुझे आज ही पता चला कि हम सात हजारी ब्‍लागर हो गये, अभी तक बहुत कम ही सात हजारी बलागर देखने को मिले है। आज समीर जी के ब्‍लाग टिप्‍पणियों में से सात हजारी ब्‍लागर खोजे तो कुछ मिल ही गये, जिनके नाम छूट गये हो भाई माफ करना।सर्वश्री Sanjeet Tripathi, संजय बेंगाणी, Udan Tashtari, ज्ञानदत्त पाण्डेय आदि प्रमुख हिन्दी ब्‍लागर है जिनके प्रोफाईल विजिटरों की संख्‍या 7000 या उपर रही।

45 वर्षीय चिर युवा समीर जी, लगातार चिरपर‍िचित अंदाज में बैंटिग कर रहे है। टेस्‍ट, वन्‍ड़े और टी-20 में शानदार बैटिंग कर रहे है और 31,415 प्रोफाईल विजिटरों के साथ शीर्ष पर है। मुझे नही लगता कि कोई भी समीर जी ने निकट पटक रहा होगा। 53 वर्षीय एक और युवा ब्‍लागर श्री ज्ञान जी भी 11,754 के साथ प्रमुख स्‍थान बनाए हुये है। 33 वर्षीय संजीत भाई भी 11 हजारी ब्‍लागर की लिस्‍ट में शामिल हो गये। गांगुली को भी आज अफशोस हो रहा होगा कि मै भी 36 का हूँ आज मै भी चिट्ठाकारी कर रहा होता हो मै यही कहीं होता। :) कह सकता हूँ, कि 45 -55 का चिर युवा होने पर हमारा प्रदर्शन और निखर कर समाने आयेगा।

हम भी विस्‍फोटक बल्‍लेबाज के रूप में जाने जाते थे, टेस्‍ट और वन्‍डे में हमारा कोई सानी नही था किन्‍तु जबसे टी-20 फॉर्मेट आया। हमारे जैसे 22 वर्षीय ब्‍लागरों की वॉट लग गई। पहले हम भी टीम के कप्‍तान हुआ करते थे किन्‍तु अब टीम(चिट्ठाकारी में) अस्तित्‍व की लड़ाई लड़ रहे है। खुशी हुई की करीब 3 साल में हमने भी कुछ गुल खिला ही लिये अन्‍यथा, दुनिया यही कहती- लिखा तो खूब, पर पढ़ा कोई नही। :)


शेष फिर

3/14/2009

वाह पत्रकारिता : दैनिक जागरण वाले नाम से जानते है चेहरे से नही


कभी कभी हमारे और आपके साथ एक वाक्‍य घटता है कि जब है कहते है कि चेहरा तो याद आ रहा है किन्‍तु नाम भूल रहा है किन्‍तु दैनिक जागरण वालों के साथ इसके उलट हुआ। वे नाम तो जानते थे किन्‍तु चेहरा भूल गये। जया तो रह गई किन्‍तु पर्दा गिरा कर बच्‍चन की तस्‍वीर लगा दिया। :) तो भइया सब लोग मिलकर बोलो - वाह! मीडिया वाह!

1/29/2009

पहचानो तो कौन ?

1/22/2009

उडनतश्‍तरी जी की मॉंग पर लेटेस्‍ट गज़ल

कुछ देर पूर्व समीर जी अर्थात उड़नतश्‍तरी जी की उक्‍त टिप्‍पणी प्राप्‍त हुई।

Udan Tashtari said... भा ज पा और केन्द्रिय सत्ता सीन- जब इतनी बढ़िया कल्पनाशीलता है तो गज़ल क्यूँ नहीं लिखते. कितना दूर तक सोच लेते हो. :)

तो प्रस्‍तुत है हमारी ओर से समीर जी के लिये उक्‍त सदाबहार राजनैतिक गज़ल

खुला निवेदन पहले गजल प्‍ले कर ले फिर पढ़े :)

आडवानी जी

होंठों से छू लो तुम मेरा गीत अमर कर दो
होंठों से छू लो तुम मेरा गीत अमर कर दो
बन जाओ मीत मेरे, मेरी प्रीत अमर कर दो
होंठों से छू लो तुम मेरा गीत अमर कर दो

शेखावत जी

ना उम्र की सीमा हो, ना जन्म का हो बन्धन
ना उम्र की सीमा हो, ना जन्म का हो बन्धन
जब प्यार करे कोई तो देखे केवल मन
नयी रीत चलाकर तुम ये रीत अमर कर दो
नयी रीत चलाकर तुम ये रीत अमर कर दो

आडवानी जी

आकाश का सूनापन मेरे तन्हा मन मे
आकाश का सूनापन मेरे तन्हा मन मे
पायल छनकाती तुम आ जाओ जीवन मे
साँसे देकर अपनी संगीत अमर कर दो
संगीत अमर कर दो मेरा गीत अमर कर दो

शेखावत जी

जग ने छिना मुझ से, मुझे जो भी लगा प्यारा
जग ने छिना मुझ से, मुझे जो भी लगा प्यारा
सब जीतकिये मुझ से, मैं हर पल ही हारा
तुम हार के दिल अपना, मेरी जीत अमर कर दो
तुम हार के दिल अपना, मेरी जीत अमर कर दो
होंठों से छू लो तुम मेरा गीत अमर कर दो



1/21/2009

देखे मगर ध्‍यान से

8/06/2008

Singh is Kinng - Madam is Queen

8/04/2008

कैसी कैसी ईमेल भेज देते है ?

अभी तक डाक की में ही इधर की चिट्ठी उधर हु‍आ करती थी अब ईमेल भी इससे अछूते नही रह गये है। देखिये नीचे कुछ इसी प्रकार के ईमेल -

ऊपर की मेल को देखिये न भेजने वाले का नाम न पाने वाले का, घुस आई हमारे इनबॉक्‍स में

हमरे चिट्ठी हम अपने आपको भेज लिये और हमें पता भी नही चला, वो भी 87% छूट के साथ

8/01/2008

बेवफा

मेरी पीठ पीछे यही होता था।

2/28/2008

Levis - एक बार देखोगें तो देखते रह जाओंगें



इनमें पहले विज्ञापन की होल्‍डिंग कुछ महीनों पहले हमारे शहर के मुख्‍य चौराहे पर लगी हुई थी, जो हर गुजरने वाले के लिये आकर्षण का केन्‍द्र रहती थी। विज्ञापन भी ऐसा था कि जब तक की यह आखों से ओझल नही हो जाता था लोग इसे देखते ही रह जाते है। कम्‍पनी भी समान बेचने के लिये कौन कौन से टोटके अपनाती जा रही है। आज कल उस होल्‍डिंग पर टीवी सीरियल रामयण विराजमान है। :)

2/12/2008

बुस का नया काम क्‍या होगा ?


सभी को इस बात की जानने की इच्‍छा होगी कि बुस की वाइट हाउस से छुट्टी के बाद उनका नया काम क्‍या होगा, जाने के लिये बुस के चित्र पर क्लिक करें।

10/07/2007

ले सबकी जान लाल गरारा



एक बहुत ही प्रशिद्ध हुआ गीत आपने ही सुना ही होगा, जिसमें गायिका गाती है ले सबकी जान लाल गरारा लाल गरारे ने किसी की जान ली कि नही किन्‍तु भारतीय तर्ज पर विदेशों में बंसती गरारे के दिवाने मिल जायेगें। मोनिका बेल्लुक्की के चित्र वास्‍तव में यह प्रदशित करता है कि सुन्‍दरता सिर्फ अंग प्रदर्शन पर ही निर्भर नही करती है जैसा कि भारत में आज कि फिल्‍मों दर्शाया जा रहा है। वास्‍तविक सुन्‍दरता वही है जिसमें शालीनता हो।